ये है डायबिटीज होने की वजह

भारत में डायबिटीज अब महामारी की तरह फैल रहा है और इस बीमारी की मुख्य वजह लाइफस्टाइल और खानपान में हुआ बदलाव है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आईएमए का ऐसा मानना है कि इस बीमारी के प्रमुख कारणों में हमारे रोजमर्रा के खाने में इस्तेमाल होने वाली सफेद चीनी, मैदा और चावल जैसी चीजों की अधिकता है।

30 साल से अधिक उम्र के लोगों को होने वाला डायबिटीज-
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स के डाक्टर का कहना है कि ब्लड में शुगर की मात्रा बहुत तेजी से बढ़ाने में रिफाइंड काब्रोहाइड्रेट का अहम योगदान है जोकि मैदा जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। मीठी चीजों का यदि सेवन करना ही हो तो देसी गुड़ या शहद बहुत उपयुक्त विकल्प हैं। उन्होंने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक, देश की आबादी में 30 वर्ष से उपर की आयु के करीब 10 प्रतिशत लोग डायबिटीज की बीमारी से बुरी तरह ग्रस्त हैं या इसके करीब हैं।

आर्टिफिशियल व्हाइट चीजें हैं जहर-
उन्होंने कहा कि लोग आज पैक्ड आटा लाते हैं जिसमें मैदा मिली होती है। वैसे ही आज छिलका उतरा हुआ सफेद चावल ही हर जगह खाया जाता है। कुल मिलाकर अगर कहें तो आर्टिफिशियल व्हाइट चीजों ने हमारे जीवन में जहर घोल दिया है।

इसलिए रखा जाता था व्रत-
उन्होंने कहा कि हमारे देश में व्रत आदि रखने की परंपरा के बहुत वैज्ञानिक कारण थे। अन्न दोष से बचने के लिए लोग सप्ताह में एक दिन उपवास रखते और उस दिन गेहूं से बनी चीजों का परित्याग भी करते थे। इसी तरह, महीने में एक दिन चावल का परित्याग करते थे। इससे उनकी इंसुलिन प्रतिरोधक क्षमता भी बहुत बढ़ती थी।