ये जांच बहुत जरूरी है ब्रेस्ट कैंसर के लिए

ब्रेस्ट कैंसर की जांच के लिए मेमोग्रफी के साथ ही बायॉप्सी करवाना भी बहुत जरूरी है। सिर्फ मेमोग्रफी करवाने से ब्रेस्ट कैंसर की पहचान नहीं होती है। इससे केवल ग्रोथ का पता लगता है। यह जानकारी शुक्रवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में जॉर्ज वॉशिंग्टन यूनिवर्सिटी से आए प्रोफेसर ने दी। मॉलिक्यूलर बायॉलजी डिपार्टमेंट की ओर से आयोजित सिम्पोजियम में उन्होंने बताया कि बायॉप्सी करवाने से कैंसर जीन BRCA1, BRCA2 का पता लगता है। जेनेटिक टेस्टिंग करके मरीज का सही इलाज किया जा सकता है।

  • मरीजों की हो सकेगी मॉलिक्यूलर जांच

केजीएमयू में कैंसर मरीजों की मॉलिक्यूलर जांच भी हो सकेगी, जिसे जीनोमेडिसिन कहा जाता है। डिपार्टमेंट ऑफ मॉलिक्यूलर बायॉलजी ऐंड सेंटर फॉर अडवांस रिसर्च (सीएफएआर) में जल्द ही यह सुविधा स्टार्ट होगी। अब तक केवल रिसर्च के लिए ही यह जांच मरीजों पर की जाती थी। यह जानकारी विभाग की असोसिएट  ने दी। उन्होंने बताया कि मॉलिक्यूल्स पर जांच करके कैंसर का ट्रीटमेंट आसान हो जाता है।

  • ब्रेस्ट कैंसर के भी होते हैं कई प्रकार

कार्यक्रम में ग्रीनवुड जेनेटिक सेंटर, यूएसए की डायरेक्टर  ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर के कई प्रकार होते हैं। इन सभी प्रकार के कारणों के जानने के लिए जेनेटिक स्टडी की बहुत जरूरत है। उन्होंने यह भी बताया कि केजीएमयू में जेनेटिक स्टडी टेस्ट करने में ग्रीनवुड जेनेटिक सेंटर भी मदद करेगा। केजीएमयू के साथ एमओयू भी किया जा सकता है।