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टीएमसी के पास संसद में NRC और CAB के मामले पर बात करने की हिम्मत नहीं: मुकुल रॉय

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक मुकुल रॉय ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) और नागरिकता (संशोधन) विधेयक (CAB) के मुद्दे पर बहुत शोर मचा सकती है लेकिन इसे संसद में उठाने की हिम्मत नहीं है उनमें।

“मिस बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़न्स (NRC) और CAB के पूरे खिलाफ हो गए हैं। लेकिन अगर उन्हें संसद में इस मुद्दे को उठाने के लिए कहा जाए तो वे सदन छोड़ देंगी” केंद्र के नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर कटाक्ष करते हुए, मुकुल रॉय ने कहा।

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 9 दिसंबर को पेश किए जाने वाले, नागरिकता (संशोधन) विधेयक और अखिल भारतीय एनआरसी पर कहा कि दोनों ही भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं।

उन्होंने दावा किया कि एनआरसी के डर के कारण राज्य में कम से कम 30 लोग आत्महत्या कर चुके हैं। मिस बनर्जी ने कहा कि भारत जैसे धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म के आधार पर कभी भी नागरिकता हासिल नहीं की जा सकती। “लेकिन अगर हर एक शरणार्थी को धर्म और समुदाय की परवाह किए बिना नागरिकता दी जाती है, तो मैं नागरिकता (संशोधन) विधेयक (सीएबी) का समर्थन करूंगी,” उन्होंने कहा। श्री रॉय ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो मिस बनर्जी इतिहास का विरूपण करने और और झूठे गवाह देने के लिए जानी जाती हैं। और उनका मानसिक स्वास्थ्य भी संदिग्ध अवस्था में है।

“एक बार उन्होंने हास्यास्पद बयान दिया कि राजा राम मोहन रॉय एक सांसद थे। उन्होंने यह भी कहा कि कवि रवींद्रनाथ टैगोर ने महात्मा गांधी के उपवास को फलों का रस देकर तोड़ दिया। टीएमसी बस राजनीतिक हित के लिए सीएबी के खिलाफ अभियान चलाना चाहती है।”

मिस बनर्जी ने कल यह भी कहा था कि देश में जारी आर्थिक मंदी से लोगों का ध्यान हटाने के लिए एनआरसी और सीएबी दोनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, “एनआरसी और सीएबी एक ही सिक्के के दोनों पहलू हैं। हम उनका डट कर विरोध करेंगे।” श्री रॉय ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) विधेयक को संसद में रखा जाएगा और इसे पारित किया जाएगा।

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