सर्राफा बाजार से सस्ता और शुद्ध सोना खरीदने का आज आखिरी मौका, जानें कहां और कैसे मिलेगा

मोदी सरकार सोमवार से ही सस्ता सोना बेच रही है। आज यानी शुक्रवार को आखिरी दिन है। अगर आप शुद्ध और सस्ता सोना खरीदना चाहते हैं तो आज आपके लिए आखिरी मौका है। बता दें यह सोना फिजिकल रूप में नहीं मिलेगा। यह वह सोना है, जिसे चोर चुरा नहीं सकता, शुद्धता की गारंटी इतनी कि इसे बेचने पर बाजार का करेंट रेट ही मिलता है

वह भी ब्याज के साथ। इसके अलावा भी ढेर सारे फायदे हैं जी हां, हम बात कर रहे सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की। सरकार ने वर्ष 2022-23 के लिए सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की पहली सीरीज को जारी कर दिया है। आइए जानते हैं कि क्या इसकी खासियत …

किस पर रेट पर मिलेगा सोना

इस किस्त के लिए सोने का निर्गम मूल्य 5,091 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। यह चालू वित्त वर्ष का पहला निर्गम होगा। सरकार ने ऑनलाइन आवेदन करने वाले निवेशकों को 50 रुपये प्रति ग्राम की छूट की पेशकश की है आवेदकों को इस छूट का लाभ लेने के लिए डिजिटल माध्यम से भुगतान करना होगा। यानी अगर कोई 10 ग्राम की खरीदारी करता है तो उसे 500 रुपये की छूट मिलेगी।

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के फायदे

रिटर्न की गारंटी: इसकी सबसे खास बात होती है कि निवेशक को सोने के भाव बढ़ने का लाभ तो मिलता ही है। साथ ही उन्हें इन्वेस्टमेंट रकम पर 2.5 फीसदी का गारंटीड फिक्स्ड ​इंटरेस्ट भी मिलता है।

तरलता: बॉन्ड जारी होने के पखवाड़े के भीतर स्टॉक एक्सचेंजों पर तरलता के अधीन हो जाते हैं।

Tax में छूट: इस पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा (मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा)

लोन की सुविधा: वहीं इसका लोन के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं। इन बॉन्ड्स की अवधि 8 साल की होती है और 5वें साल के बाद ही प्रीमैच्योर विड्रॉल किया जा सकता है।

GST और मेकिंग चार्ज से छूट : फिजिकल गोल्ड की तरह जीएसटी और मेकिंग चार्ज से छुट्टी।

स्टोरेज की समस्या से मुक्ति: डिजिटल गोल्ड की रख रखाव की समस्या से भी जूझना नहीं पड़ता है

कहां और कैसे मिलेगा

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 500 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है। इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं। बॉन्ड को ट्रस्टी व्यक्तियों, HUF, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों को बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा.

वहीं ग्राहकी की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम प्रति व्यक्ति, एचयूएफ के लिए 4 किलोग्राम और ट्रस्टों के लिए 20 किलोग्राम और प्रति वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) समान होगी।

यह पढ़े: मोदी सरकार की इस नई नीति से पीएम आवास योजना, रोड, रेल, जल जीवन मिशन को होगा फायदा