टैफिक सिग्नल से बढ सकता है डायबिटीज का खतरा, जानिए कैसे

अमूमन आम दिन में कई बार टैफिक सिग्नल से गुजरते होंगे। पर क्या आप जानते हैं कि यही टैफिक सिग्नल आपको मधुमेह रोगी भी बना सकता है। हैरान हो गए न,लेकिन यह सच है। वास्तव में टैफिक सिग्नल आपके लिए कुछ बीमारियां भी लेकर आ सकता है। नहीं समझे तो पढिए यह खबर-

रोज लंबे समय तक रेड सिग्नल पर ट्रैफिक में खड़े रहने से इरिटेशन बढ़ता है। इसके कारण पेट में स्थित एंड्रिनल ग्लैंड से कार्टिजोल हॉर्मोन रिलीज होने लगता है जो कि एक तरह का नेचुरल स्टीरॉइड है। यह स्टीरॉइड पेनक्रियाज की बीटा सैल्स को नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण इंसुलिन लेवल कम होने लगता है जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ता है।

नींद भी बनती है वजह
वहीं अगर आप पर्याप्त रूप से नींद नहीं लेते तो भी आप मधुमेह ग्रस्त हो सकते हैं। दरअसल, पर्याप्त नींद न लेने से बॉडी का इन्सुलिन लेवल बिगड़ने लगता है।

प्रदूषित वातावरण करता है प्रभावित

कुछ रिसर्च बताती हैं कि हवा में मौजूद पॉल्यूशन के कारण व्यक्ति की इंसुलिन रेजिस्टेंट्स, इंफ्लमेंशन, हार्ट की कोरोनरी आर्टर्रीज को नुकसान पहुंचाता है। इनमें ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पाया जाता है। यही स्ट्रेस डायबिटीज के लिए जिम्मेदार होता है।

न रहें अकेले

लंबे समय तक अकेले रहने और हेल्दी खाना नहीं खाने से भी डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, अकेलापन तनाव का कारण बनता है और यही स्ट्रेस बॉडी में इंसुलिन का बैलेंस बिगाड़ता है जिससे डायबिटीज की प्रॉब्लम बढ़ने लगता है।

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