चेहरे की फुंसी का करें ऐसे इलाज, लापरवाही कर सकती है बड़ा नुकसान

मुंहासे और चेहरे पर होने वाले दाने एक ऐसी समस्या हैं जो लगभग सभी युवा लड़के और लड़कियों को परेशान करती है इस समस्या में त्वचा के भीतर तेलीय रसायन की संरचना बढ़ जाती है और त्वचा के छिद्र बंद होने की वजह से तेलीय पदार्थ त्वचा के भीतर एकत्र होने लगते है जिसके कारण  छोटी गिलटी सी बन जाती है और अक्सर इन में सफ़ेद या पीले रंग का पदार्थ भी होता है जो तेलीय रसायन होते है। कुछ समय बाद ये फुंसी लाल ओर सख़्त हो जाती है ओर बाद में सूख के काले या भूरे रंग का दाग़ छोड़ देती है जो त्वचा की सुंदरता को बिगाड़ देती है।

पंद्रह से बीस साल की आयु में मुँहासे संख्या में निकलना शुरू होते है जिनका मुख्य कारण शरीर में हार्मोन का बढ़ना ओर कुछ नए हार्मोंस की संरचना होती है जैसे ( ऐंड्रॉजेन इत्यादि)।

रक्त की इम्प्युरिटीज़, त्वचा की सफ़ाई ना होना।

गरम चीज़ें खाना और ज़्यादा कोल्ड ड्रिंक या सोडे से बनी वस्तुओं का प्रयोग करना।

स्त्री में मासिक धर्म सही समय पर ना आना।

प्रेग्नन्सी के समय पर।

विटामिन सी की कमी होने पर।

तैलए क्रीम मुँह पर लगाने से।

कम पानी पीने से।

गर्भावस्था में आवश्यक है फोलिक एसिड

ये हैं मुँहासों के घरेलू उपचार जिनकों अपनाने से दुबारा नहीं सतायेंगे चेहरे के दानें

ठंडे पानी से मुँह धोए, गरमी के मौसम में पानी का ज़्यादा उपयोग करें।

लहसुन और अदरक का रस निकाल के शहद के साथ खाने से रक्त की सफ़ाई होती है ओर त्वचा पे निखार आता है।

नीम के पत्ते लगभग बारह, सफ़ेद संदल पाँच ग्राम को 200 मिली लीटर पानी में 5 घण्टे भिगो दें फिर उस पानी से मुँह धोए

चिलग़ोज़े को पत्थर पे घिस के मुँहासों पे लगाने से मुँहासे ठीक हो जाते है।

बेकिंग सोडा को ताज़े पानी में मिला के मुँह धोने से मुँहासे ठीक होते हैं ओर त्वचा का रंग साफ़ होता है।