आयुर्वेद में छिपा है सफ़ेद दाग का इलाज, जानिए लक्षण

सफेद रोग एक प्रकार की खतरनाक बीमारी अर्थात संक्रमण है जो शरीर पर हो जाती है जिसके कारण शरीर बहुत गंदा दिखने लगता है। इसके कारणों का ठीक-ठीक पता नहीं चलता। यह प्रायः गर्म देशों में गोरों की अपेक्षा कालों को अधिक होता है। शरीर में उपदंश या पारा विष, ग्रेवडिजीज, नाड़ी जन्य विकार जिसमें रीढ़ की हड्डी खराब हो और सेष्टिक कोकम्स आदि के कारण होता है।

इसके लक्षण

शरीर की त्वचा पर सफेद दाग निकलते हैं। उस स्थान के रोम तक सफेद हो जाते हैं। कभी-कभी एक अंग का पूरा भाग सफेद हो जाता है। इस रोग में केवल चमड़े के ऊपरी भाग का सूक्ष्म पतला पर्दा ही आक्रान्त होता है। इसलिए रोगी भी कष्ट अनुभव नहीं करता केवल देखने में ही बुरा लगता है। यह स्पर्शक्रामक रोग नहीं है, इसलिए एक व्यक्ति के आक्रांत होने पर उसके स्पर्श से दूसरे व्यक्ति को आक्रांत होने का कोई भय नहीं है। इसमें रोगी का पूरा शरीर सफेद हो जाता है। यह बीमारी आजीवन चला करती है। कभी-कभी यह अपने आप ही ठीक भी हो जाती है।

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