त्रिपुरा उपचुनाव: पहले चार घंटों में 34 फीसदी मतदान

त्रिपुरा की चार विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए पहले चार घंटों में औसतन 34 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इस बीच विपक्षी दलों ने हिंसा ,मतदान केन्द्रों पर कब्जा करने और मतदाताओं डराने धमकानें का आरोप लगाया है।

अगरतला विधानसभा क्षेत्र में एक पुलिसकर्मी को चाकू मार दिया गया और एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पत्रकार की पिटाई कर दी गई। धलाई जिले के सूरमा विधानसभा क्षेत्र से भी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं।

इधर मुख्य निर्वाचन अधिकारी किरण गिटे बताया कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं को धमकाने की घटनाओं को छोड़कर आमतौर मतदान शांतिपूर्वक चल रहा है। उन्होंने बताया कि मतदान मशीन की खराबी के कारण कुछ स्थानों पर मतदान देर शुरु हुआ और चुनाव अधिकार निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सम्पन्न कराने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थानों का दौरा कर रहे है।

मुख्यमंत्री और बारडोवाली से भाजपा के प्रत्याशी डा़ मणिक साहा ने दावा किया कि विपक्षी पार्टिया हार के डर की वजह से मतदान में गड़बडी का आरोप लगा रही है।

मतदान करने के बाद डाॅ साह ने कहा कि चुनाव आयुक्त के निर्देश पर सरकार ने चुनावों को निष्पक्ष तरीके से सम्पन्न कराने के हर तरीके के इंतजाम किये है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के आरोप गलत है और यह दार्शाता है कि उनमें हार का डर समाया हुआ है। डाॅ साह ने कहा कि विपक्षी पार्टियों ने कई मतदान केन्द्रों पर अपने बूथ कार्यालय नहीं खोले और कई केन्द्रों पर तो वह अपने पोलिंग एजेन्ट लगाने में भी कामयाब नहीं हुये और अपनी शाख बचाने के लिए इस तरीके के आरोप लगा रहे है।

इधर विपक्षी दलों ने चुनाव में लगे सरकारी तंत्र और पुलिस को फटकार लगाते हुये कहा कि मुख्य निवार्चन अधिकारी अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया। तृणमूल कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष सुबल भौमिक ने कहा कि भाजपा समर्थकों को छोड़कर, विपक्षी दलों के किसी भी ज्ञात मतदाता को कई स्थानों पर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करने की अनुमति नहीं दी जा रही है और मतदान एजेंटों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है।

समीर साहा नाम के एक पुलिसकर्मी को भाजपा कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर अगरतला निर्वाचन क्षेत्र के बूथ नंबर 29 पर चाकू मार दिया, क्योंकि वह वोट डालने के लिए मतदान केंद्र की ओर जा रहा था। शहर के कशरपट्टी इलाके में एक टेलीविजन चैनल के पत्रकार शुभम देबनाथ की पिटाई की गई, जब वह पुलिस के सामने मतदाताओं के रास्ते में बाधा डालने की घटना को कवर कर रहे थे।

कांग्रेस और तृणमूल ने आरोप लगाया है कि अगरतला और बारदोवाली निर्वाचन क्षेत्रों के कई स्थानों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बल (सीपीएफ) की मौजूदगी के बावजूद विपक्षी दलों के पोलिंग एजेंटों को बेदखल कर दिया गया।

 


प्रदेश में पांच निर्दलीय उम्मीदवारों सहित 22 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए चार निर्वाचन क्षेत्रों – अगरतला, बारदोवाली, सूरमा और जुबराजनगर में 221 मतदान केंद्रों पर लगभग 1.89 लाख पात्र मतदाता मतदान कर रहे हैं।


उल्लेखनीय है कि भाजपा के निर्वाचित विधायकों के इस्तीफा देकर अन्य दलों में चले जाने कारण अगरतला, बारदोवाली और सूरमा निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनाव हो रहे हैं। जबकि जुबराजनगर के मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के विधायक रामेंद्र चंद्र देवनाथ का इस साल की शुरुआत में निधन हो गया था।