यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आधी रात मे पीड़िता का शव जलाने का ये बताया वजह

आज योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हाथरस में दलित युवती से कथित गैंगरेप और मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए हलफनामा दाखिल किया है। प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को उन परिस्थितियों के बारे में बताया है जिसके वजह से रात में पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया। योगी सरकार ने कहा है “हिंसा से बचने के लिए परिवार की मर्जी के साथ आधी रात करीब 2.30 बजे पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया था”।

गौरतलब हो कि हाथरस जिले के एक गांव में 14 सितंबर को 19 वर्षीय दलित लड़की से चार लड़कों ने कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया था। इस लड़की की बाद में 29 सितंबर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई थी।

प्रदेश की सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दाखिल करके बताया कि कानून-व्यवस्था कायम रखने और हिंसा से बचने के लिए रात में पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार किया गया। सरकार ने हलफनामे में राजनीतिक दलों और समाज संगठनों को जाति विभाजन के प्रयास के लिए दोषी ठहराया गया है। सरकार द्वारा दायर हलफनामे के मुताबिक, रात के ढाई बजे पीड़िता के शव को जलाने के संदर्भ में यूपी सरकार ने बाबरी मस्जिद केस की वजह से जिलों को हाई अलर्ट पर रखने और कोरोना की वजह से भीड़ न इकट्ठा होने देने का भी जिक्र किया है। इसमें कहा गया है कि अयोध्या-बाबरी केस में फैसले की संवेदनशीलता और कोरोना प्रोटोकॉल के मद्देनजर परिवार की मर्जी से पीड़िता का रात 2.30 बजे अंतिम संस्कार किया गया।

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