Uric Acid के मरीज करें गोभी और मशरूम से परहेज, इन फूड आइटम्स से दूरी भी जरूरी

शरीर में जब यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ जाती है तो इससे कई दूसरे अंग प्रभावित होते हैं। इससे मोटापा बढ़ सकता है, उठने-बैठने में परेशानी होने लगती है, जोड़ों में दर्द, उंगलियों में चुभन होना, शरीर में सूजन और किडनी की बीमारी हो सकती है। यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और थायरॉयड जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। आमतौर पर यूरिक एसिड की रीडिंग 3.5 से 7.2 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर होती है।

इससे ज्यादा रीडिंग होने पर आपको हाई यूरिक एसिड की समस्या हो सकती है। यूरिक एसिड हमारे शरीर में मौजूद प्यूरीन नामक प्रोटीन के ब्रेकडाउन से बनता है। ऐसे में शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा न बढ़े, इसके लिए जरूरी है कि लोग उन खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें जिनमें प्यूरीन का स्तर अधिक होता है।

गोभी और मशरूम में ज्यादा होता है प्यूरीन: यूरिक एसिड बढ़ने पर गठिया और किडनी स्टोन का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में मरीजों को हाई प्यूरीन फूड्स का सेवन बंद कर देना चाहिए। गोभी और मशरूम में प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गोभी में मौजूद तत्व यूरिक एसिड बढ़ाने में सहायक होते हैं। इनके अलावा, राजमा, दाल, हरे मटर, पालक और फुल फैट दूध-दही के सेवन से भी मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

चीनी से रहें दूर: ज्यादा चीनी युक्त भोजन शरीर में यूरिक एसिड को बढ़ाता है। एक शोध के अनुसार जिन लोगों के खाने में Fructose की मात्रा अधिक देखी गई उनमें गाउट जैसी बीमारी से ग्रस्त होने का खतरा दूसरों की तुलना में 62 प्रतिशत अधिक होता है। इसके अलावा, शराब का सेवन भी हाई यूरिक एसिड के मरीजों के लिए घातक हो सकता है। वहीं, नॉन वेजिटेरियन लोग सी-फूड खाने से परहेज करें। इसके साथ ही, चिकेन व मटन में भी कलेजी व गुर्दा खाने से शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा में वृद्धि देखने को मिल सकती है।

इनमें कम होता है प्यूरीन:
हरी सब्जियां
टमाटर
फल
फलों का रस
वेजिटेबल सूप
नींबू
संतरा
अंगूर

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