Breaking News
Home / ट्रेंडिंग / NRC के बारे में अमेरिका अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने यह क्या कह दिया?

NRC के बारे में अमेरिका अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने यह क्या कह दिया?

संसद में भाषण देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया कि पूरे देश में एनआरसी लागू की जाएगी। सभी धर्म सुरक्षित है किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है। अपने भाषण में अमित शाह ने कहा कि एनआरसी में धर्म के आधार पर लोगों को बाहर करने का कोई प्रावधान नहीं है। अगर किसी भी व्यक्ति का नाम एनआरसी में नहीं है या किसी कारणवश बाहर कर दिया गया तो वे लोग ट्रिब्यूनल में आवेदन डाल सकते है। उन्होने यह भी बताया कि अगर किसी व्यक्ति के पास पैसा नहीं है तो असम सरकार उन्हे वकील मुहैया कराएगी।

आपको बता दे कि असम में पहली बार एनआरसी लागू की गयी है जिस वजह से 19 लाख लोगों को बाहर कर दिया है।दूसरी तरफ अमेरिका अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने एनआरसी पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि असम में लंबे समय से रह रहे लोगों की नागरिकता खतरे में है और जल्द ही वे कहीं के नागरिक नहीं रहेंगे। उनकी नागरिकता समाप्त की जा रही है।

Loading...

अमेरिका अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने एक रिपोर्ट में बताया कि 19 लाख लोगो के नाम एनआरसी सूची से बाहर है। इस रिपोर्ट पर चिंता जताते हुए कहा गया कि इन सब के जरिये मुस्लिम समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है।

यूएससीआईआरएफ आयुक्त अनुरिमा भार्गव ने कहा कि भारतीय राजनीतिक अधिकारियों ने मुस्लिम समुदाय को देश से अलग थलग कर दिया है यह मुसलमानों को बाहर निकालने के लिए एनआरसी का प्रयोग किया जा रहा है।

यूएससीआईआरएफ प्रमुख टोनी पेर्किन्स ने अपने दिये बयान में कहा है कि अद्यतन एनआरसी और भारत सरकार के इसके बाद के कदम मुसलमान समुदाय को निशाना बनाने के लिए एक प्रकार से ‘‘नागरिकता के लिए एक धार्मिक कसौटी” तैयार कर रहे हैं. उन्होंने भारत सरकार से उसके सभी धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने की अपील की है।

Loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *