अपने चेहरा में चार चाँद लगाने के लिए ऐसे करें मुलतानी मिट्टी का उपयोग

जैसा की हम सभी जानते है की सुंदरता कुदरत की अनुपम देन है। इस सुंदरता को बरकरार रखने के लिए कुदरती प्राकृतिक चीजों से बढ़कर कुछ भी नही होता है। आधुनिक युग में सौंदर्यबोध की अनुभुति अत्यधिक बढ़ गई है। साधारण दिखने वाली नारी भी ब्यूटी पार्लर और सौंदर्य प्रसाधनों की सहायता से बहुत अधिक सुंदर दिखना चाहती है। लेकिन क्या आप यह जानते है की प्राकृतिक चीजों के द्वारा आप भी अपनी सुंदरता में चार चाँद अवश्य ही लगा सकते है-

# जब भी हम मुलतानी मिट्टी से स्नान करते है हमारे रोमकूप खुल जाते हैं। मुलतानी मिट्टी से रगड़कर स्नान करने से जो लाभ होते हैं उनका एक प्रतिशत लाभ भी साबुन से स्नान करने से कतई नहीं होता। बाजार में उपलब्ध साबुन में चर्बी, सोडा-क्षार और कई जहरीले रसायनों का बेहतरीन मिश्रण होता है जो त्वचा व रोमकूपों पर बहुत ही हानिकारक प्रभाव छोड़ते हैं।

# स्फूर्ति और आरोग्यता चाहने वालों को साबुन के प्रयोग से बचकर मुलतानी मिट्टी से अवश्य ही नहाना चाहिए। मुलतानी मिट्टी या उसमें नींबू, बेसन, दही अथवा छाछ आदि मिलाकर शरीर पर थोड़ी देर लगाये रखें तो गर्मी व पित्तदोष से होने वाली तमाम बीमारियों को यह पूरी तरह सोख लेता है।

# यदि मुलतानी मिट्टी का घोल बनाकर शरीर पर पूरी तरह लेप कर दिया जाय तथा 5-10 मिनट बाद रगड़कर नहाया जाय तो आशातीत लाभ होते हैं।

# आप सभी साबुन का प्रयोग छोड़कर मुलतानी मिट्टी से स्नान करें और प्रत्यक्ष लाभ का अनुभव अवश्य करें।