स्वास्थ्य के लिए ठंढे तेल का उपयोग होता है हानिकारक

लोग खुद को ठंडा रखने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। कुछ लोग ठंडक पहुंचाने वाले तेल से सिर की मालिश भी करते हैं। अगर आप भी इस तरह के तेल का इस्तेमाल करते है तो सावधान हो जाएं क्योंकि इससे सेहत संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ठंडक दिलाने वाले तेलों से आंखों की रोशनी कम और तंत्रिका संबंधी बीमारियां होने का खतरा हो सकता है।

वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट प्रोफेसर विजयनाथ मिश्रा ने महानायक अमिताभ बच्चन से कपूर मिश्रित ठंडे तेल का प्रचार ना करने की अपील की । उनका कहना है कि कपूर मिश्रित ठंडे तेल का इस्तेमाल करने से आंखों की रोशनी पर असर बुरा असर पड़ता है।

प्रोफेसर मिश्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आई.एम.एस) की ओर से केन्द्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलजी (डी.एस.टी) को इसके बारे में 71 मरीजों की एक विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट भेजी गई है। इस रपोर्ट में डीएसटी से बाजार में बिकने वाले ठंडे तेलों में कपूर की मात्रा निर्धारित करने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि करीब 500 मरीजों पर पिछले 2 सालों के दौरान किए गए शोध में पाया गया है कि लोग अनिद्रा या तनाव दूर करने के लिए ठंडे तेलों का इस्तेमाल करते हैं जिसके कारण उन्हें मिर्गी, एक्जिमा, नर्वस सिस्टम, पाचन तंत्र, किडनी, सांस लेने और तंत्रिका संबंधी अनेक बीमारियां का सामना करना पड़ता हैं। ये तेल प्रैग्नेंट और स्तनपान करवाने वाली महिलाओं के लिए भी हानिकारक है।

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