मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत बिहार में 28600 लोगों को उपलब्ध हुआ वाहन

प्रदेश मे बेरोजगारों के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ से विगत एक माह में 2200 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला है। ऑटो, ई-रिक्शा, सहित 4 सीटर से 10 सीटर तक के वाहनों की खरीद के लिए राज्य सरकार द्वारा अनुदान देकर चयनित लाभुकों को रोजगार से जोड़ा गया है। अब तक 28600 लोगों को वाहन उपलब्ध कराया गया है। वाहन मिलने से उनको रोजगार मिला है। 40 प्रखंडों में लक्ष्य के विरुद्ध शत-प्रतिशत प्राप्ति की गई है। औरंगाबाद जिला लक्ष्य के विरुद्ध 95.98 प्रतिशत, जमुई 93.99, शिवहर 92.45, जहानाबाद 91.40, कटिहार 88.60, भोजपुर 84.65, पूर्णिया 84.72, नालंदा 83.94 और बक्सर जिला द्वारा 81.27 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति की गई है।परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी तथा रोजगार देने में यह योजना बहुत ही कारगर हो रही है।

संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि जिलों में कैंप लगा कर अनुदान का भुगतान किया जा रहा है। वहीं लंबित भुगतान में तेजी लाने के लिए जिलावार डीएम, डीटीओ, बीडीओ आदि के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा की जा रही है।  इस दौरान सारण, दरभंगा, वैशाली, खगड़िया, गोपालगंज और बेगूसराय जिले के डीएम, डीडीसी, डीटीओ और बीडीओ को योजना के तहत निर्धारित लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में शतप्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया। आगे भी परिवहन सचिव द्वारा 9 सितम्बर को ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना’ की लखीसराय, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जिले की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। समीक्षा बैठक में संबंधित जिलों के जिला पदाधिकारी, उपविकास आयुक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और जिले में ऑटो रिक्शा एवं ई-रिक्शा के प्रमुख डीलर रहेंगे।

परिवहन सचिव ने निर्देश दिया कि चयनित लाभुकों को समय पर अनुदान की राशि मिले और यथाशीघ्र वाहनों का रजिस्ट्रेशन हो। वाहनों का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लाभुक को परेशान नहीं होना पड़े। प्रखंडवार कैंप लगाकर लाभुकों के बीच वाहन वितरण किया जाए। ताकि लाभुकों को वाहन लेने का विकल्प मिल सके। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में लाभुकों को अनुदान की राशि देने में विलंब नहीं होना चाहिए।