विश्व हिंदू पर बजरंग दलितों के खिलाफ साजिश : लिलोथिया

कांग्रेस ने विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के ‘समरसता अभियान’ को जनता के साथ धोखा और गुमराह करने वाला बताते हुए कहा है कि यह अभियान अनुसूचित जातियों और जनजातियों के खिलाफ जाति आधारित हिंसा को कायम रखने की एक सोची समझी साजिश है।

कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख राजेश लिलोथिया ने शुक्रवार को इस अभियान को आदिवासियों के खिलाफ गंभीर अपराध बताया और कहा कि इस तरह के अभियान राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करन देश कि जनता को धोखा देना और गुमराह करने वाला है।

उन्होनें कहा कि हिंदू परिषद और बजरंग दल के असली स्वरूप को बेनकाब करने के लिए गत चार जनवरी की एक खबर के अनुसार कर्नाटक के बेलगावी दलित अक्षयकुमार करगानवी और उनके परिवार पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हमला किया था और इस मामले में बजरंग दल के सात लोगों पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

इसी तरह से पिछले वर्ष 7 जून को बजरंग दल ने बिहार के रोहतास जिले के करमा गांव में अंडे बेचने वाले दलित युवक संजीव कुमार के पूरे परिवार को जातिसूचक गाली दी, पिटाई की और जान से मारने की धमकी दी।

लीलोथिया ने 31 दिसंबर 2020 को बजरंग दल के 25 लोगों ने मध्य प्रदेश में बड़वानी जिले के ठिकरी के देवड़ा गांव में आदिवासी घर में घुसकर आठ महीने की गर्भवती पर हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप उस आदिवासी महिला का बच्चा मृत पैदा हुआ। इसी तरह 22 सितंबर 2019 को खूंटी जिले के सुआरी गाँव में गोहत्या के संदेह में कलंतस बारला नाम के एक विकलांग आदिवासी व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना में दो अन्य लोग घायल हुए थे।

उन्होंने कहा कि देश के ज्यादा लोग लोग उत्पीड़ित जातियों से आते हैं और आरएसएस और भाजपा की उस भड़काऊ एवं भटकाऊ राजनीति को समझते हैं। वह विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों के दिखावे वाले राष्ट्रीय अभियान का सच भी समझते है । कांग्रेस पार्टी विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल जैसे संगठनों को उनके करतूतों को छिपाने नहीं देगी और हम उन्हें यही बेनकाब करते रहेंगे।

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