पहले आईएलटी20 में वॉर्नर के खेलने की संभावना नहीं

जनवरी में होने वाले यूएई आईएलटी20 के उद्घाटन सीज़न में डेविड वार्नर का ना खेलना लगभग तय है। वॉर्नर और उनकी व्यक्तिगत टीम इस कोशिश में व्यस्त है कि 2013 के बाद वह पहली बार बिग बैश लीग (बीबीएल) में खेलें। वॉर्नर के पास क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) का अनुबंध है लेकिन उनके पास बीबीएल का कोई मौजूदा क़रार नहीं है। जनवरी 2023 में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ वनडे मैच साउथ अफ़्रीकी टीम द्वारा नामंज़ूर होने से ऐसा लग रहा था वॉर्नर फ़्रैंचाइज़ी क्रिकेट खेलने के लिए उपलब्ध होंगे। आईएलटी20 में दुबई कैपिटल्स की टीम की कमान आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के मालिकों के हाथ में है और वॉर्नर उनके खिलाड़ी होने के नाते दुबई के लिए खेलने के लिए उपलब्ध माने जा रहे थे।

इस बीच पता चला है कि वॉर्नर का आईएलटी20 के साथ क़रार करने के आसार अब बंद हो गए हैं। वहीं उनके एजेंट जेम्स अर्स्किन ने ‘सिडनी मॉर्निंग हेरल्ड’ अख़बार को बताया कि वह सीए और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन (एसीए) के साथ बातचीत में हैं ताकि वॉर्नर एक बार फिर बीबीएल में खेलते दिखें।

सीए को इस बात की चिंता है कि केंद्रीय अनुबंध होने के बावजूद कुछ खिलाड़ी आईएलटी20 में 450,000 डॉलर (लगभग 3.57 करोड़ रुपये) के वेतन को देखकर इस सीज़न यूएई में खेलते दिखेंगे। दक्षिण अफ़्रीका के विरुद्ध टेस्ट सीरीज़ 8 जनवरी को ख़त्म होगी और इसके बाद ऑस्ट्रलिया का फ़रवरी में भारत दौरे से पहले कोई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट नहीं होगा। ऐसे में वॉर्नर, स्टीव स्मिथ, पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क और जॉश हेज़लवुड जैसे खिलाड़ी फ़्रैंचाइज़ी क्रिकेट खेलने के लिए उपलब्ध होंगे। सीए को उम्मीद होगी वह 13 दिसंबर से 4 फ़रवरी तक होने वाली बीबीएल का हिस्सा होंगे ना कि 6 जनवरी से 12 फ़रवरी तक आयोजित आईएलटी20 का। ऑस्ट्रेलिया में सीए का अनुबंध होने से ही बीबीएल में खेलने को अनिवार्य नहीं माना जाता।

ऐसे में 2013 से वॉर्नर और 2014 के बाद स्टार्क लीग में नहीं खेले हैं। स्मिथ, कमिंस और हेज़लवुड के पास बीबीएल के अनुबंध नहीं हैं। स्टार्क ने पहले ही घोषणा की है कि वह अगले सीज़न के दौरान आराम करना चाहेंगे और ऐसे में वॉर्नर और ख़ासकर कमिंस के निर्णयों पर क़रीबी निगाहें होंगी।

ग्लेन मैक्सवेल, मार्कस स्टॉयनिस, मिचेल मार्श, मैथ्यू वेड, ऐडम ज़म्पा, आरोन फ़िंच और टिम डेविड जैसे खिलाड़ियों के पास बीबीएल के अनुबंध ज़रूर हैं लेकिन ऑस्ट्रेलिया में सैलरी पर 19 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (क़रीब 10 करोड़ रुपये) का कैप अर्थात सीमा है। ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के लिए सर्वाधिक अनुबंधित राशि होती है 1.9 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (एक करोड़ रुपये) की और इसके अलावा प्रायोजकों द्वारा मिलने वाले बोनस होने के बावजूद खिलाड़ी इससे कहीं ज़्यादा पैसे यूएई में एक छोटी अवधि के टूर्नामेंट में कमा लेंगे।

इसके अलावा सीए ने विदेशी खिलाड़ियों के ड्राफ़्ट के नामांकन के दौरान शीर्ष के विदेशी खिलाड़ियों के लिए लगभग 3.4 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (1.9 करोड़ रुपये के क़रीब) के वेतन की बात की है। इस बारे में भी ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों में नाराज़गी है कि अधिकतम विदेशी खिलाड़ी बीबीएल में केवल दिसंबर में उपलब्ध रहते हुए जनवरी से आईएलटी20 में खेलते दिख सकते हैं।

सीए के साथ अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट के अलावा बीबीएल अनुबंध का भी नियम है कि खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की ज़रूरत पड़ती है। ऐसा संभव है कि इस बार कोई खिलाड़ी सीए पर व्यापार पर नियंत्रण का दावा लगाकर इस प्रक्रिया को चुनौती दे। इस नियम के चलते कई खिलाड़ी अब तक यूएई लीग के साथ अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त नहीं कर पाएं है लेकिन अगर वॉर्नर इस बात का उपयोग करके ख़ुद के लिए शीर्ष के विदेशी खिलाड़ियों के समान पैसे अपने अनुबंध में ले आते हैं तो यह एक बड़ी पहल होगी।

पिछले महीने रिकी पोंटिंग और उस्मान ख़्वाजा ने दक्षिण अफ़्रीका और यूएई में शुरू होने वाले लीगों और उनसे उत्पन्न होने वाली बीबीएल के समक्ष संभव चुनौतियों की बात की थी। इन सब गतिविधियों के बीच सीए और एसीए 2023 से होने वाले समझौतों पर विचार विमर्श में व्यस्त है। वहीं ब्रॉडकास्टर ‘चैनल सेवेन’ ने भी बीबीएल की गुणवत्ता का वास्ता देते हुए 2024 तक चलने वाली अपने ब्रॉडकास्ट क़रार को ख़त्म करने के लिए न्यायलय में दलील दी है।

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