राप्ती नदी का पानी सड़कों पर चढ़ा, बढ़ी आवाजाही में परेशानी

राप्ती नदी का पानी डेरवा-खैरवा मार्ग पर चढ़ गया है, जिससे ग्रमीणों की चिन्ताएं बढ़ गई है। फिलहाल अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है परन्तु बढ़ते जलस्तर ने खतरे का एहसास जरूर करा दिया है। राप्ती और सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ ही हर साल बाढ़ की समस्या का सामना करने वाले कछार वासियों की चिंता बढ़ने लगी है।

जगदीशपुर, मोहनपौहरिया, आछेडीह, नवलपुर, सेमराखुर्द, खोहियापट्टी, खैरवा, मछरगांवा, सुबेदारनगर सहित दर्जनों गांव के लोग बाढ़ के खतरे से सशंकित है। ग्रामीण अरविन्द तिवारी, रत्नेश यादव, अष्टभुजा सिंह, साहब तिवारी, रविशंकर सिंह, का कहना है कि इस क्षेत्र को रामजानकी मार्ग से जोड़ने वाले सम्पर्क मार्ग काफी नीचे हैं। इ

स कारण थोड़ा सा ही जलस्तर बढ़ने के साथ ही इन सम्पर्क मार्गों पर पानी चढ़ जाता है। आवागमन की समस्या बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से बाढ़ से बचाव के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग की हैं।

एसडीएम और तहसीलदार ने किया बाढ़ क्षेत्र का दौरा

बड़हलगंज के कछार क्षेत्र में राप्ती नदी के पानी से बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी थी। पिछले 24 घंटों से राप्ती नदी का जलस्तर घटने लगा है। बलरामपुर जिले में बहने वाली राप्ती नदी कुछ दिनों पहले से कई गांव में कटान तेजी से कर रही थी। कटान से डरे हुए ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से एक ओर जहां मदद की गुहार लगाई थी

वहीं कटान रोकने के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए थे। इसी के साथ बचाव कार्य पर सवाल भी उठाया गया था। राप्ती की कटान से कल्याणपुर, चौका खुर्द, टेंगनहिया मानकोट और सरदारगढ़ सहित कई गांव को बड़ा खतरा उत्पन्न हो चुका है।

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