आपकी आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकता है कांटेक्ट लेंस पहनना, जानें कैसे

आंखों की रोशनी कम होने पर लोग एेनक या फिर कांटेक्ट लैंस का इस्तेमाल करते है। बहुत सारे लोग ऐनक लगाने से बचते हैं और इसकी जगह पर कांटेक्ट लैंस का इस्तेमाल करते हैं, वहीं कुछ लोग शोंकिया तौर पर भी कलरफुल आई कांटेक्ट लैंस उपयोग करते हैं लेकिन क्या कांटेक्ट लैंस आपकी आंखों के लिए पूर्ण्तः सुरक्षित हैं।

लैंस पहनने से हो सकती है ‘अक्नथामोईबा केराटिटिस’ इंफैक्शन

एक ताजा अध्ययन में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि कांटेक्ट लेंस का उपयोग करने वाले लोगों की आंखों में एक प्रकार का संक्रमण पाया गया है जिससे आंखो की रोशनी खत्म हो सकती है। यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) और मूरफिल्ड्स आई हॉस्पिटल के वैज्ञानिकों की टीम ने तकरीबन 273 लोगों पर अध्ययन किया तथा इस नतीजे पर पहुंची है। टीम ने यह कहा कि कांटेक्ट लेंस लगाने वाले लोगों की आंखों में ‘अक्नथामोईबा केराटिटिस’ नामक गंभीर संक्रमण पाया गया है और इस संक्रमण से वर्ष 2011 में तकरीबन तीन गुणा बढ़ोतरी हुई है। ब्रिटिश जनरल ऑफ ऑप्थलमोजी में इस सप्ताह प्रकाशित रिपोर्ट में यह कहा गया है कि कांटेक्ट लेंस लगाने वाले उन लोगों में यह गंभीर संक्रमण हो सकता है जो लेंस की साफ-सफाई सही तरीके से नहीं करते हैं और संक्रमित लेंस सोल्यूशन का बखूबी उपयोग करते हैं।

केराइटिसिस बीमारी के शुरुआती लक्षण

आपको बता दे की इस बीमारी में आंखों में दर्द और खुजली होने लगती है। कॉर्निया में दर्द की वजह से गंभीर सूजन हो सकती है, जिससे आंखों की रोशनी को अत्यधिक नुकसान पहुंचता है। परेशानी बढ़ने के कारण आंखों की रोशनी जा भी सकती है। इससे पहले हुए एक रिसर्च में यह पता चला है कि इस तरह का इंफैक्शन प्रतिदिन 10,000 में से 4 लोगों को होता है। जिसके मामले बढ़ने से परिणाम आगे चलकर अत्यधिक चिंताजनक भी हो सकते हैं।

बरतें सावधानियां

1. साफ हाथों से लैंस को पहनें और उतारे
2. कांटेक्ट लेंस स्टोरेज केस को सलूशन से पूर्ण्तः साफ करके और सूखा कर रखें।
3. तीन महीने बाद स्टोरेज केस को अवश्य बदल दें।
4. अत्यधिक लंबे समय तक कंटेक्ट लेंस न पहनें, निश्चित अवधि के बाद इसे बदल लें।
5. सिलिकॉन कांटेक्ट लेंस का उपयोग करना बहुत बेहतर है। इससे ऑक्सीजन का प्रवाह सामान्य रहता है, जिससे इंफैक्शन से पूर्ण्तः बचाव रहेगा।
6. आंखों को लेकर जरा-सी भी लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है। लालगी,जलन, आंखों की सूजन और दर्द महसूस करें तो फौरन चिकित्सक से परामर्श लें।