मंत्रालय का आधिकारिक बयान: अच्छी तरह से पकाए गए पोल्ट्री उत्पाद इंसान के उपभोग के लिए सुरक्षित हैं

15 जनवरी, 2021 को मध्य प्रदेश (कौवों और कबूतरों) के बुरहानपुर, राजगढ़, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, मांडला, हरदा, धार, सागर और सतना जिलों में; उत्तराखंड (कौए और चील) के देहरादून जिले; दिल्ली (कौए) में रोहिणी और राजस्थान (बत्तख और काला सारस) में जयपुर चिड़ियाघर में जंगली पक्षियों में एविएन फ्लू (एआई) की पुष्टि हुई है।

इसके अलावा मध्य प्रदेश के हरदा जिले में आणंद/ भगीरथ कलोसिया और छत्तीसगढ़ के बलोद जिले के जी. एस. पोल्ट्री फार्म में एआई के मामलों की पुष्टि हुई है। इस प्रकार, देश में 11 राज्य एआई से प्रभावित हो चुके हैं।

इस बीमारी के प्रति आम जनता को जागरूक करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लोगों के बीच एविएन फ्लू के बारे में गलत सूचनाओं को खत्म करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्यों/ संघ शासित क्षेत्रों के पशुपालन विभागों के साथ हुई वीसी बैठक के क्रम में सचिव (डीएएचडी) ने राज्यों/संघ शासित क्षेत्रों के मुख्य सचिवों/प्रशासकों को पत्र लिखकर कहा कि देश के लिए एआई नई बीमारी नहीं है, 2006 के बाद यह हर साल सामने आती है। देश इस बीमारी को प्रभावी रूप से नियंत्रित करता रहा है।

उन्होंने दोहराया कि वायरस 70 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर आसानी से नष्ट हो जाता है और इसलिए, अच्छी तरह से पकाए गए पोल्ट्री और पोल्ट्री उत्पाद इंसान के उपभोग के लिए सुरक्षित हैं। इस क्रम में, राज्यों से संभावित विभागों को प्रतिबंध नहीं लगाने और एआई मुक्त क्षेत्रों/ राज्यों से आए पोल्ट्री और पोल्ट्री उत्पादों को बेचने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

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