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नागरिकता कानून को लेकर जो हो रहा है वह दुखदः सत्य नडेला

देश भर में नागरिकता कानून को लेकर बवाल हो रहा है। नागरिकता कानून को जब ससंद में पास किया गया। उसके बाद लगातार इसका विरोध हो रहा है। इसको लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शक काफी हिंसक हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने कई जगह सरकारी संम्पति को भी नुक्सान पहुचाया। नागरिकता कानून को लेकर देश में काफी नामी-गिरामी लोगों ने अपनी-अपनी राय रखी है। इसी कड़ी मेें अब एक और नाम जुड़ चुका है। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक और माइक्रोसाफ्ट के सीईओं सत्य नडेला का, उन्होने कहा कि वह किसी भी बाग्लादेशी शरणार्थी को भारत में स्टार्टअप करते और इन्फोसिस का सीईओ बनता देखना चाहते है।

आगे उन्होंने कहा कि जो भी इस समय भारत में हो रहा है। वह दुखद है। बुरा है। मैं किसी भी बाग्लादेशी को भारत में इन्फोसिस का सीईओ और अगला यूनिकार्न बनते देखना चाहता हूं। उनके इस बयान का समर्थन इतिहासकार रामचन्द्र गुहा ने भी किया।

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मैनहटन में जब वह सपांदको से बातचीत कर रहे थे तो उनसे नागरिकता कानून पर भी सवाल पूछा गया तो उन्होने कहा मैं यह नहीं कह रहा कि किसी देश को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की चिंता नहीं करनी चाहिए। देशों के बीच सीमाएं होती हैं और यह हकीकत है। मेरा मतलब है कि इमिग्रेशन इस देश (अमेरिका) का मुद्दा है, यह यूरोप और भारत का भी मुद्दा है, लेकिन ध्यान इस पर होना चाहिए कि कोई किस तरीके से यह तय करता है कि इमिग्रेशन क्या है, शरणार्थी कौन हैं, अल्पसंख्यक समूह कौन है।

नडेला ने आगे अपना उदारण देते हुए कहा कि अगर आज वह माक्रोसाफ्ट के सीईओ है तो इसका श्रेय भारत में उपलब्ध टेक्नोलोजी है और अमेरिका की इमिग्रेशन को जाता है। उन्होने भारत की सास्कृंति का जिक्र करते हुए कहा कि बाजार की ताकतों और उदारवादी मूल्यों के कारण ही आज पूंजीवाद को बढ़ावा मिल सका।

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