ब्रैस्ट पेन जानिए क्यों होता है

कई बार महिलाओं को गंभीर पर्सनल प्रॉब्लम का भी सामना करना पड़ता है। इन्हीं में से एक है ब्रैस्ट पेन यानि स्तनों का दर्द। आपको बता दे की स्तनों में होने वाले दर्द को मास्‍टालजिया भी कहा जाता है। हर लड़की को इस गंभीर परेशानी से पूरी तरह गुजरना पड़ता है। इसके सामान्य लक्षण हैं ब्रैस्ट में हल्का दर्द,भारीपन,जकड़न,जलन आदि। वैसे तो इसे बहुत ही सामान्य माना जाता है लेकिन कुछ औरतों को मासिक धर्म आने से पहले या बाद में,गर्भावस्था के दौरान और युवावस्था में भी स्तनों में दर्द की गंभीर समस्या से जूझना पड़ता है। आइये आपको बताते है क्या है इसका असली वजह

ब्रेस्ट में दर्द के कारण

हार्मोंस में बदलाव

आपको बता दे की स्तनों में दर्द होने का सबसे बड़ा और मुख्य कारण शरीर में हार्मोंस का बदलना है। यह परेशानी पीरियड्स आने के हफ्ता या 2-3 दिन पहले होती है। अगर इस दर्द का संबंध मासिक धर्म चक्र से हो, तो इसे साइक्लिकल मास्‍टालजिया के नाम से जाना जाता है। तनाव और मानसिक परेानशानी के कारण भी हार्मोंस में बदलाव आना स्टार्ट हो जाता है, जिससे ब्रैस्ट में बहुत तेज दर्द होने लगता है।

दवाओं का सेवन

औरतों को सबसे अधिक इस बात का फिक्र सताता है कि कहीं वे अनचाही प्रैग्नेंसी का शिकार न हो जाए। इसके लिए वे आई पिल या फिर दूसरे गर्भ निरोधक का सहारा लेती हैं। बर्थ कंट्रोल और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी ऐसी दवाएं हैं जिनके साइड इफैक्ट से स्तनों में दर्द होना स्टार्ट हो जाता है। इन दवाओं को असर हार्मोस पर भी पड़ता है। इसके अलावा कई और भी बहुत सी दवाएं खाने से स्तनों में कोमलता बननी स्टार्ट हो जाती है, जो दर्द का कारण बनती है।

कैफीन का सेवन

कुछ औरते आवश्यकता से अधिक चाय,कॉफी,सोडा,चॉकलेट जैसी चीजों का सेवन करती हैं। कैफीन युक्त ये पदार्थ भी स्तनों में दर्द का कारण बनते हैं। आप भी इस आदत का शिकार हैं तो धीरे-धीरे अपना आदत को बदलने की कोशिश करें।

स्तन अल्सर

औरतों की ब्रैस्ट में तरल पदार्थ से भारी थैलियों को स्तन अल्सर के नाम से जाना जाता है। इसे गोल या अंडाकार के रूप में पूर्ण्तः महसूस किया जा सकता है। मेनोपोज से जूझ रहीं महिलओं को स्तन अल्सर में आए बदलाव के कारण भी दर्द से गुजरना पड़ता है।

ब्रा का गलत साइज

ब्रैस्ट में दर्द होने का एक महत्वपूर्ण कारण गलत फिटिंग का ब्रा पहनना भी है। ब्रा का टाइट होना या फिर कप का गलत साइज पहनने से भी यह गंभीर परेशानी हो सकती है।

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