जनता कर्फ्यू बाद लखनऊ की इस कालोनी में लोगों ने क्यों बजाई ताली-थाली

फैजुल्लागंज में स्थानीय लोगों ने ताली-थाली और घंटे बजाकर पैदल मार्च निकाला। ऐसा लॉकडाउन के बाद पहली बार हुआ है। इसके पहले जनता कर्फ्यू के दिन यहां के लोगों ने ताली-थाली घंटा और घड़ियाल बजाया था। दरअसल आज इसकी वजह लोगों को संक्रामक और मच्छर जनित रोगों से सावधान करना था।

लोगों को जागरूक करना था कि किस तरह कुछ उपाय अपनाकर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। इसकी शुरुआत यहां के बाल महिला संगठन की प्रमुख और कर्ता-धर्ता ममता त्रिपाठी ने की। घंटा और ताली थाली बजाते हुए लोग गलियों में घूमे और बताया कि किस तरह मच्छरदानी हमें मलेरिया डेंगू जैसे गंभीर रोगों से बचा सकती है।

यहां पर फैला है अफ्रीकन स्वाइन फीवर

कुछ दिन पहले फैजुल्लागंज में सवा सौ सुअर मरे। जब पशुपालन विभाग ने भोपाल स्थित लैब से जांच कराई तो पता चला कि सुअर की मौत अफ्रीकन स्वाइन फीवर से हो रही है। हालांकि यह रोग सिर्फ सुअरों में ही होता है।वहीं बीमारियों के इस मौसम में शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी मरीजों से फुल हो गई है।

हर दूसरा व तीसरा मरीज इन बीमारियों की चपेट में है। स्वास्थ्य विभाग ने इन बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सक और स्टाफ की पूरी ताकत झोंक दी है। मेडिकल अस्पताल की ओपीडी में रिकॉर्ड पार कर रही है। वहीं जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र और महिला अस्पताल भी वेटिंग में है। बीमारियों का मौसम में कोरोना, डेंगू,मलेरिया स्क्रब टायफस वायरल इनफेक्शन समेत अन्य बीमारियों का हमला लोगों को पर हो रहा है।

विशेषज्ञ इस बार डेंगू का खतरा ज्यादा बता रहे हैं, लेकिन इससे निपटने के लिए अभी तक पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। कुछ अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए अलग वार्ड बना दिए हैं और जांच की सुविधा भी है, लेकिन अन्य जिलों के अस्पतालों में अभी तैयारियां शुरू नहीं हो पाई हैं। नियमित फॉगिंग तक नहीं हो पा रही है।

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