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विश्व कप में हार के बाद भी आखिर क्यों रवि शास्त्री चुने गए टीम के कोच?

कपिल देव की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय क्रिकेट एडवाइजरी कमिटी (CAC) ने भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री को एक बार भी टीम इंडिया का हेड कोच नियुक्त कर दिया है। मुंबई में शुक्रवार को शाम सवा छह बजे शुरू हुई प्रेस कांफ्रेंस में कपिल देव ने शास्त्री के नाम की घोषणा की। क्रिकेट एडवाइजरी कमिटी में कपिल देव के साथ दो अन्य सदस्य टीम इंडिया के पूर्व कोच अंशुमन गायकवाड और महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान शांथा रंगासामी थीं। रवि शास्त्री का यह कार्यकाल आईसीसी अब टी20 वर्ल्ड कप 2021 तक होगा।

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रवि शास्त्री को न्यूजीलैंड के पूर्व कोच माइक हेसन और श्रीलंका के पूर्व कोच टॉम मूडी ने कड़ी टक्कर दी, लेकिन अंत में बाजी उन्हीं के हाथ लगी। वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल में टीम इंडिया की अप्रत्याशित हार के बाद लगा था कि शास्त्री का कोच पद पर दोबारा चुने जाने से क्रिकेट प्रशंसकों में निराशा का माहौल है। फैंस का मानना है कि जब CAC को रवि शास्‍त्री को ही हेड कोच बनाए रखना था तो फिर बीसीसीआई की ओर से नए सिरे से आवेदन ही क्यों निकाले गए।

आइए जानते हैं वो कौन से कारण हैं, जिसके बूते रवि शास्त्री के नाम पर एक बार फिर मुहर लगाई गई।

रवि शास्त्री का परफॉरमेंस

रवि शास्त्री की अगुआई में भारतीय टीम का 2017 में काफी अच्छा प्रदर्शन रहा है। पिछले साल भारत ने ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पहली बार टेस्ट सीरीज जीती। जुलाई 2017 से भारत ने 21 टेस्ट में से 13 में जीत दर्ज की। टी-20 अंतरराष्ट्रीय में भारत ने 36 में से 25 मैचों में जीत दर्ज की। एकदिवसीय में भी भारतीय टीम 60 में से 43 मुकाबले जीतकर हावी रही। हालाँकि विश्व कप 2019 में उनके मार्गदर्शन में टीम सेमीफाइनल से आगे बढ़ने में नाकाम रही। कैरेबियाई सरजमीं पर टी-20 और एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का दबदबा दर्शाता है कि टीम इंडिया अधिकांश चीजें रवि शास्त्री के मार्गदर्शन में सही कर रही हैं।

विराट की पहली पसंद शास्त्री

भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली ने खुले मंच से कोच रवि शास्त्री को हेड कोच के लिए अपनी पहली पसंद बताई थी। कप्तान के सार्वजनिक समर्थन के बाद से ही शास्त्री की इस पद के लिए दावेदारी मजबूत हो गई थी।

पूर्व खिलाड़ियों का समर्थन

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली के सार्वजनिक समर्थन के बाद दो पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली और अजहरुद्दीन ने भी कहा था कि विराट को पूरा हक है कि वह अपनी पसंद बताए। कप्तान और खिलाड़ियों को रवि शास्त्री ही पसंद हैं, शायद इसलिए उनके प्रदर्शन को आधार बनाकर शास्त्री को एक मौका और दिया गया हो।

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