सैन्य नहीं अब कूटनीति से सुलझेगा भारत-चीन सीमा विवाद ? मोदी-जिनपिंग केमिस्ट्री से है उम्मीद

भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच कल सैन्य स्तर पर बातचीत हुई। हालांकि बातचीत का क्या परिणाम रहा, इसके बारे में जानने के लिए अभी हमें चीन की प्रतिक्रिया का इंतजार करना होगा। इसी बीच भारत ने अब कूटनीतिक तौर पर विवाद को सुलझाने के रस्ते खोल दिए है। जानकारों का मानना है कि डोकलाम के बाद लद्दाख सीमा तनाव को भी मोदी-जिनपिंग केमिस्ट्री से आसानी से सुलझाया जा सकता है।

दोनों देशों के बीच वुहान और महाबलीपुरम में अनौपचारिक बैठक हुई। जिनमे तय हुआ कि दोनों देश विवाद को तय नीतियों के तहत निपटाएंगे। विदेश मंत्रालय ने परस्पर बातचीत में शांति व स्थिरता के लिए दोनों देशों में पूर्व में हुए समझौतों को आधार बनाया है। शनिवार को हुई सैन्य स्तर पर बातचीत सकारात्मक रही। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बैठक ऊंचाई वाले क्षेत्र में खराब मौसम की वजह से बैठक तीन घंटे देर से शुरू हुई।

सूत्रों के मुताबिक मोदी-जिनपिंग केमिस्ट्री का असर है कि सीमा तनाव जब भी चरम पर होता है तो उसे शांत करने के लिए कूटनीतिक चैनल खोले जाते है। कोरोना संकट से जो परिस्तिथिया उपजी है उन्होंने अविश्वास की खाई को थोड़ा गहरा किया है। बता दे चीनी सेना भारतीय सेना के जवानों को फिंगर-4 से आगे जाने नहीं दे रही है। वही भारत चीनी सेना को पीछे जाने की मांग पर अड़ा है। साथ ही अपनी सीमा के अंदर निर्माण पर चीन की आपत्ति ख़ारिज कर रहा है।

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