PCOS से महिलाएँ अगर चाहें तो मिल सकती है निजात

कोशिश के बावजूद अगर वेइंग मशीन की सुई आगे जा रही हो, चेहरे और शरीर पर अवांछित बाल उग रहे हों, पीरियड्स अनियमित हों या गर्भधारण में समस्या आ रही हो तो ये लक्ष्ण PCOS को हो सकते हैं. एक स्टडी के मुताबिक भारत में हर 5 में से 1 स्त्री को PCOS जैसी समस्या का सामना कर रही है. इनका एक कारण निष्क्रिया जीवनशैली और जंक फूड भी है.

क्या है PCOS?

पॉलीसिस्टिक ओवरीज़ सिंड्रोम में गर्भाशय में मेल हॉर्मोन एंड्रोजन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे ओवरी में छोटी-छोटी सिस्ट बन जाते हैं. अगर माहवारी अनियमित है तो तुरंत किसी डॉक्टर से सलाह ले. भागदौड़ भारी लाइफस्टाइल में स्त्रियों को शारीरिक सक्रियता घट रही है. हालांकि PCOS की समस्या आनुवांशिक कारणों से भी हो सकती है लेकिन मोटापे से सिस्टम का खतरा बढ़ सकता है. PCOS लाइफस्टाइल डिसॉर्डर की देन है.

टबाटा ट्रेनिंग

जापानी प्रोफेसर डॉ. टबाटा ने अपने देश की ओलंपिक स्केटिंग टीम के लिए इस ईजाद किया था. इसके तहत 20 सेकेंड्स तक कोई भी मुश्किल एक्सरसाइड की जाती है, फिर 10 सेकेंड का ब्रेक लिया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया को 8 से 10 राउंड्स तक दोहराया जाता है. इसमें एक्सरसाइज की तीव्रता ही महत्वपूर्ण है।

एमरप वर्कआउट

एज मैनी राउंड्स एज़ पॉसीबिल यानी जितना संभव हो, उतने राउंड्स. इसमें एक ही व्यायाम को 2 या 5 मिनट तक करना होता है. धीरे-धीरे व्यक्ति की क्षमता बढ़ती है और एक ही वर्कआउट को लगातार 10 मिनट तक करने की क्षमता भी विकसित होती है. जरूरी है कि निर्धारित वक्त में वर्कआउट पूरा करने का ध्यान केंद्रित करें।

व्यायाम

PCOS की समस्या में ऐसे व्यायाम किए जाने चाहिए जो इंसुलिन के स्तर को ठीक रखें, कैलरीज़ घटाने में कामयाब हों और हॉर्मोनल बैलेंस बनाए रखें. इस समस्या में स्त्रियां अक्सर इंसुलिन के प्रति संवेदनशील होती है।