अवश्य करवाने चाहिए महिलाओं को ये 5 चैकअप

औरतोें के बिना किसी भी घर का कोई अस्तित्व नहीं होता। परिवार के हर जरूरत का ध्यान रखना,उनकी सेहत,खान-पान और बच्चों को पढ़ाने जैसी सारी जिम्मेदारी महिलाओं की ही होती है। सबका ख्याल रखते हुए भी वह खुद की सेहत के बारे में बहुत ज्यादा सजग नहीं होती। महिलाओं की स्लास्थ्य दर को देखा जाए तो ज्यादातर औरतें अपनी सेहत के पर बहुत ज्यादा ध्यान नहीं देती। जिससे हैल्थ संबंधी समस्याएं और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं। अगर समय-समय पर साल में ये 5 टैस्ट करवाएं जाएं तो सेहत से जुड़ी बहुत सी दिक्कतों से आसानी से बचा जा सकता है।

हड्डियों का चेकअप
महिलाओं के लिए हड्डियों का चेकअप करवाना बहुत ही आवश्यक है। बढ़ती उम्र या कमजोरी के कारण औरतों की हड्डियां बहुत कमजोर होनी शुरू हो जाती हैं। इस बीमारी को ऑस्टियोपोरोसिस भी कहा जाता है। इसमें शरीर में कैल्शियम की बहुत कमी होनी शुरू हो जाती है। शुरू में इस रोग के बारे में पता नहीं चलता लेकिन रोग बढ़ने पर इसका इलाज बहुत मुश्किल हो जाता है। इसके लिए जरूरी है कि साल में एक बार हड्डियों का चेकअप अवश्य करवाएं।

डिप्रैशन का चैकअप
आजकल हर किसी की लाइफ बहुत ही ज्यादा बिजी हो गई है। भागदौड भरी जिंदगी में परिवार के साथ समय बिताना भी बहुत ही मुश्किल हो गया है। इसी बात को लेकर कुछ औरतें बहुत ज्यादा तनाव में रहती हैं। तनाव से छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि साल में एक बार औरतों का स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट अवश्य करवाया जाए। इस टैस्ट में औरतोें की जिंदगी की परेशानियों और दिक्कतों के बारे में कुछ सवाल पूछे जाते हैं।जिससे उनका डिप्रैशन बहुत ही कम होना शुरू हो जाता है।

पेल्विक अल्ट्रासाउंड
महिलाओं को पीरियड्स अनियमित होना,दर्द,थकान या बच्चेदानी में सूजन जैसी परेशानियां होना बहुत ही आम बात है। इस लिए जरूरी है कि कुछ समय बाद पेल्विक अल्ट्रासाउंड करवाई जाए। जिससे ओवरी कैंसर के खतरे से आसानी से बचा जा सकता है।

हाइपोथायराइडिज्म चेकअप
यह समस्या 5 में से 2 महिलाओं को होती है। इसमें वजन घटना,सर्दी,थकान,कब्ज जैसी परेशानियां आ सकती हैं। इस रोग में थायरॉक्सिन हार्मोन बहुत कम होने लगते हैं। इसके लिए जरूरी है कि साल में एक बार टी.एस.एच. टेस्ट अवश्य करवाया जाए। जिससे शुरू में ही इस दिक्कत से आसानी से छुटकारा पाया जा सके।

मैमोग्राम चैकअप
40 की उम्र के बाद औरतों को यह टैस्ट अवश्य करवाना चाहिए। इस मैमोग्राम चैकअप में ब्रैस्ट कैंसर से बहुत बचाव रहता है। अगर परिवार में कोई इस बीमारी का शिकार रहा तो हर 6 महीने बाद चैकअर अवश्य करवाएं।

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