महिलाओं को चाहिए पुरुषों से अधिक नींद, जानिये क्यों

आपको बता दे की महिला और पुरुष की जरूरतों और आदतों में बहुत अंतर होता है। पुरुष के शरीर की बनावट और संरचना और महिलाओं की जैविक संरचना में बहुत अंतर होता है। महिलाओं में भावनात्मक गुण भी होते हैं। वे परिवार की चिंताओं और दूसरों की देखभाल को लेकर भी अत्यधिक सोचती हैं। यह भी एक तरह का श्रम है। घर के बहुत छोटे-छोटे कामों में लगी रहने वाली महिलाओं का काम इसलिए बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण है कि उन्हें रोज के एक जैसे कामों को भी पूर्ण्तः रचनात्मक बनाना होता है। एक ही सब्जी को हर बार अच्छे से बनाना किसी गंभीर चुनौती से कम नहीं है।

ऐसे में घर परिवार की चिंता में लगी रहने वाली स्त्रियों को अत्यधिक आराम की आवश्यकता भी होती है। अगर उनके शरीर की हीलिंग नहीं होगी तो वे बीमार हो सकती हैं या फिर दूसरी तरह की गंभीर कमजोरी उनके शरीर में दिखने लग सकती है।

नींद से बेहतर हीलिंग कौन दे सकता है?

इसीलिए महिलाओं को अत्यधिक नींद की आवश्यकता होती है। जानकार बताते हैं कि बहुत ज्यादा पढ़ाई के दबाव से गुजरने वाले विद्यार्थियों को तकरीबन 9 घंटे तक की नींद लेना चाहिए क्योंकि इससे मस्तिष्क को खासा आराम मिलता है और महिलाओं को भी 8 से 9 घंटे की नींद लेना ही चाहिए। आइए देखें कि महिलाओं को अधिक नींद की आवश्यकता क्यों है।

हार्मोनल बदलाव से तालमेल

महिलाओं को प्रत्येक महीने हार्मोनल बदलाव का सामना करना पड़ता है। युवावस्था, गर्भावस्था, प्रसव और फिर मेनोपॉज तक हर महिला कई तरह के हार्मोनल परिवर्तनों का सामना करती है। ये परिवर्तन उसके स्वास्थ्य को पूर्ण्तः प्रभावित करते हैं। उसे थकान भी ज्यादा होती है व इसलिए ज्यादा नींद की जरूरत होती है।

रविवार की छुट्टी भी नहीं

आपको बता दे की पुरुष रविवार को ज्यादातर आराम के मूड में होते हैं लेकिन महिलाओं के लिए रविवार रोज से ज्यादा काम वाला होता है। बच्चों की भी इस दिन छुट्टी होने से घर में कुछ विशेष बनाने की फरमाइश होती है और तब महिलाओं को जरूरी आराम नहीं मिल पाता है। उन्हें ऐसे में अपनी नींद के जरिए आराम अवश्य तलाशना चाहिए।

वजन पर नियंत्रण के लिए

जिन महिलाओं का वजन बहुत तेजी से बढ़ रहा हो, उन्हें अपनी नींद के घंटों पर अवश्य गौर करना चाहिए। जो महिलाएं ठीक से नींद नहीं लेती हैं, उनके मोटापाग्रस्त होने की आशंका अत्यधिक होती है। फिर शरीर में कार्टिसोल का स्तर बहुत बढ़ जाता है और महिलाएं अवसाद में भी चली जाती हैं। नींद उन्हें खुशी और वजन पर नियंत्रण में भरपूर मदद करेगी।

कामकाजी होने के कारण

बहुत सारी महिलाएं सिर्फ घर की जिम्मेदारियां ही नहीं संभालती हैं बल्कि वे नौकरी भी कर रही होती हैं। ऐसे में उन्हें शारीरिक श्रम के साथ मानसिक श्रम भी करना होता है। मस्तिष्क के लगातार कार्यरत रहने से उनकी अत्यधिक ऊर्जा खर्च होती है। ऐसे में रीचार्ज होने के लिए उनके पास नींद ही सबसे बेहतरीन तरीका होता है। इसलिए पुरुषों की तुलना में महिलाओं को प्रतिदिन एक घंटा ज्यादा नींद लेना चाहिए।