अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए बहराइच के जंगलों से जाएंगी लकड़ियां, कहां तक पहुंचा कार्य

रामजन्मभूमि में विराजमान रामलला के मंदिर का निर्माण अपनी गति से चल रहा है। इस निर्माण की समीक्षा के लिए प्रति माह होने वाली मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक सोमवार से चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र की अध्यक्षता में शुरू हुई। पहले दिन बैठक रामजन्मभूमि परिसर स्थित एलएण्डटी कार्यालय में ही शुरू हुई। समीक्षा के दौरान कार्यदाई संस्था की ओर से दावा किया गया कि 21 फिट ऊंचे फर्श का निर्माण निर्धारित समय से पहले अगस्त में पूरा हो जाएगा।

खिड़की-दरवाजे के लिए मंगाए गये लकड़ियों के सैंपल

मंदिर निर्माण समिति की बैठक में कार्यदाई संस्था की ओर से खिड़की-दरवाजों के लिए मंगाए गये लकड़ियों के सैंपल की जानकारी साझा की गई। बहराइच के जंगलों से शीशम व सागौन के सैंपल लिए गये हैं। इसके अलावा मनकापुर गोण्डा के वन निगम के डिपो से भी साखू के सैंपल मंगवाए गये हैं।

राम मंदिर के गर्भगृह में लगने वाले चौखट-बाजू सभी संगमरमर के होंगे। इसके अलावा रंगमंडप-नृत्यमंडप आदि में लकड़ियों का ही प्रयोग किया जाना है। इसके लिए ओवर साइज यानी मोटे लपेट के पेड़ों की खोज हो रही है। बताया गया कि ओवर साइज के लकड़ियों की आयु काफी होती है। फिलहाल सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद सप्लाई का टेण्डर दिया जाएगा।

फर्श निर्माण के लिए छह फर्मों को सौंपा गया काम

ग्रेनाइट ब्लाकों के जरिए 21 फिट ऊंचे फर्श निर्माण को यथासमय में पूरा कराने के लिए एलएण्डटी ने छह अलग-अलग फर्मों के बीच काम का बंटवारा कर दिया है। इसके कारण काम की गति पहले से काफी तेज हो गयी है। हाल में मेसर्स एमआईपीएल को भी काम सौंपा गया है जबकि इससे पहले पांच फर्म काम कर रही थी

सात लेयरों में पहले लेयर का काम पूरा हो चुका है और दूसरे-तीसरे पर काम चल रहा है। बताते चलें कि निर्धारित डिजाइन के अनुसार सातों लेयर में पांच गुणा ढ़ाई गुणा तीन फिट लंबे-चौड़े व ऊंचे ग्रेनाइट के 17 हजार ब्लाक रखे जाने है और एक दिन पहले तक कुल आठ हजार ब्लाकों को सेट कर दिया गया है।

रिटेनिंग वॉल का 70 प्रतिशत निर्माण हुआ पूरा

समिति की बैठक में रिटेनिंग वॉल के बारे में 70 प्रतिशत काम पूरा होने की जानकारी दी गई। बताया गया कि दक्षिण तरफ जमीन से करीब छह फिट ऊपर दीवार उठाई जा चुकी है। इसी तरह से उत्तर दिशा में भी निर्माण सतह से ऊपर हो गया है जबकि पश्चिम में 12 मीटर जमीन के नीचे से निर्माण भी सतह के ऊपर आ चुका है।

उधर रामजन्मभूमि के परिधि के बाहर बाउंड्री यानी परकोटे के निर्माण के लिए डिजाइन को समिति ने अनुमोदित कर दिया है। इसी डिजाइन का प्रजन्टेशन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष किया जा चुका है। रामजन्मभूमि ट्रस्ट के न्यासी डा. अनिल मिश्र ने बताया कि इस डिजाइन पर विशेषज्ञों की सहमति बन गई है।

आठ एकड़ में प्रस्तावित परकोटे की परिधि में माता सीता सहित विघ्नहर्ता गणपति और महर्षि वाल्मीकि व माता शबरी के अतिरिक्त निषादराज व जटायु राज के मंदिर का प्रस्ताव है। इसके साथ गोस्वामी तुलसीदास महाराज को भी प्रतिष्ठित किया जाएगा।

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