विश्व चैम्पियन लोह इंडिया ओपन में जीत के साथ नए साल के जोरदार आगाज को आतुर

India Open: World Champ Loh keen on starting new year on winning note

पिछले महीने स्पेन में आयोजित विश्व चैंपियनशिप के दौरान बैडमिंटन प्रशंसकों को मंत्रमुग्ध कर देने वाली मुस्कान और बिजली की गति ने अचानक लोह कीन यू को दुनिया भर में आकर्षण का केंद्र बना दिया है।

विश्व चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक जीतने वाले सिंगापुर के पहले बैडमिंटन खिलाड़ी अभी भी उस गौरव का आनंद ले रहे हैं। यहां तक कि एचएसबीसी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर 500 टूर्नामेंटयोनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन की पूर्व संध्या पर साथी खिलाड़ियों के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आए।

24 साल के लोह ने स्वीकार किया कि स्पेन के ह्यूएलवा में अपनी खिताबी जीत के बाद उन्हें ट्रेनिंग के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला है, लेकिन वह अपना सर्वश्रेष्ठ देते हुए नए साल की शानदार शुरुआत करना चाहते हैं।

योनेक्स-सनराइज इंडिया ओपन में पांचवीं सीड लोह ने विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में भारत के किदांबी श्रीकांत को हराया। अब श्रीकांत अपने हमवतन और विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले लक्ष्य सेन के साथ केडी जाधव इंडोर स्टेडियम में लोह के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होंगे। सेन पहली बार इस टूर्नामेंट खेल रहे हैं।

मंगलवार को कनाडा के जियाओडोंग शेन के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करने जा रहे लोह ने कहा, “यहां बहुत सारे अच्छे खिलाड़ी हैं। यह निश्चित रूप से एक आसान प्रतियोगिता नहीं होने वाली है। हर कोई यहां अच्छा करने के लिए आया है… मेरे लिए भी ऐसा ही है। मैं भी अच्छा प्रदर्शन करना चाहता हूं और मैं भी इस टूर्नामेंट को जीत कर नए साल को यादगार बनाना चाहता हूं।’

स्पेन जाने से पहले लोह ने दुबई में टोक्यो ओलंपिक चैम्पियन विक्टर एक्सेलसन और सेन के साथ अभ्यास किया था। लोह ने कहा कि सेन बहुत ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। लोह ने कहा, “सेन मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और वास्तव में मेरे उनसे बहुत अच्छे संबंध हैं और मैं उन्हें उनकी पहली विश्व चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करते हुए देखकर खुश था।

सिंगापुर के इस खिलाड़ी को पता है कि विश्व चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन के बाद उन पर दबाव है क्योंकि हर खिलाड़ी उन्हें हराना चाहेगा लेकिन उन्होंने बताया कि हर टूर्नामेंट में एक जैसे ही फॉर्म को बनाए रखना आसान नहीं होता। लोह ने कहा, “मैंने साल का अंत उच्च स्तर पर किया था, इसलिए यह एक अच्छा वर्ष था … कोई भी हमेशा जीत नहीं पाता है। दबाव हमेशा बना रहता है। मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि मैं सर्वश्रेष्ठ खेल सकूं और अच्छा प्रदर्शन कर सकूं।

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