शराब बनाने वाली कंपनी के आईपीओ में लगाना चाहेंगे दांव? दिग्गज वाइन मेकर IPO लाने से पहले टटोलेंगे बाजार का मूड

पिछले कुछ महीनों से शेयर बाजार मंदी की चपेट में है। वहीं, एक साल से आईपीओ मार्केट भी कुछ खास नहीं रहा है। पिछले एक साल में जोमैटो, पेटीएम, नायका समेत दिग्गज कंपनियों के आईपीओ मार्केट में लाॅन्च हुए और फ्लॉप हो गए। इस डर से कई यूनिकार्न कंपनियों ने अपने आईपीओ को फिलहाल के लिए होल्ड करने का फैसला लिया है।

अब इस लिस्ट में एक और कंपनी का नाम जुड़ सकता है। दरसअल, वाइन कंपनी सुला वाइनयार्ड्स लिमिटेड आईपीओ लाने के लिए पिछले महीने सेबी के पास डाॅक्युमेंट्स जमा कराए थे। हालांकि, अब गिरते बाजार को देख कंपनी का मूड बदल रहा है और अब वह बाजार निवेशकों का मूड टटोल रही है।

क्या कहना है कंपनी का?

सुला वाइनयार्ड्स लिमिटेड का कहना है कि भारत के छोटे लेकिन तेजी से बढ़ते शराब बाजार में उनकी 50% से अधिक हिस्सेदारी है। 26 साल पुरानी कंपनी ने युवा वर्ग में अपनी खास पहचान बनाई है। कंपनी ने बताया, ‘जब सुला ने बाजार में प्रवेश किया था तब ज्यादातर शराब 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए होता था। उन्होंने युवा वर्ग को टारगेट कर पूरा प्रोस्पेक्टिव को ही बदल दिया।”

जानें कंपनी के बारे में?

आपको बता दें कि सुला विनेयार्ड्स रेड, व्हाइट और स्पार्कलिंग वाइन बनाने वाली टाॅप कंपनी है। इसके पॉपुलर ब्रांड में सुला के अलावा रासा, डिंडोरी, द सोर्स, सतोरी, मडेरा और डिया ब्रांड नाम से वाइन शामिल हैं। यह 13 ब्रांड की 53 अलग-अलग लेबल की वाइन तैयार करती है। बता दें कि Sula Vineyards में अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल के पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक रिलायंस कॉरपोरेट एडवाइजरी सर्विसेज की भी हिस्सेदारी थी।

बीते साल Sula Vineyards ने बताया था कि कंपनी की विनिर्माण क्षमता 14.5 मिलियन लीटर थी। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी का लाभ कई गुना बढ़कर 52.14 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह महज 3.01 करोड़ रुपये था। इस दौरान राजस्व में 8.60% की वृद्धि हुई और यह 453.92 करोड़ रुपये रहा।

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