अवसाद से लड़ने में बहुत मदद करता है yoga

एक नये अध्ययन के अनुसार यह खुलासा हुआ है की हफ्ते में दो बार योग और प्राणायाम की कक्षाओं में शामिल होने और घर पर इसका अभ्यास करने वाले लोगों में अवसाद के लक्षणों को आसानी से कम किया जा सकता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, अध्ययन से इस तथ्य को भी बल मिलता है कि योग, अवसाद का दवाओं से इलाज का वेहतर विकल्प हो सकता है या दवाओं से इलाज के साथ साथ योग की पद्धतियां अपनाकर उपचार को और भी कारगर बनाया जा सकता है।

अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के एसोसिएट प्रोफेसर ने कहा, ‘‘अध्ययन से उन लोगों में अवसाद के विकार को दूर करने में योग या प्राणायाम के इस्तेमाल की जरुरत महशुस होती है जो अवसाद दूर करने वाली दवाएं नहीं लेते और वे लोग भी जो स्थायी रूप से इस तरह की दवाओं की खुराक लेते हैं एवं जिनमें अवसाद के लक्षण अब भी बने हुए हैं।” ‘जर्नल ऑफ ऑल्टरनेटिव एंड कॉम्प्लिमेंटरी मेडिसिन’ में प्रकाशित हुए अध्ययन में आयंगर योग (योग का एक रूप) का इस्तेमाल किया गया जिसमें आसन एवं श्वसन नियंत्रण में बारीकियों एवं संरेखण पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
अध्ययन में दो समूहों को शामिल किया गया। उनमें से एक समूह को हर हफ्ते 90 मिनट की योग की तीन कक्षाएं कराई गयीं और उन्होंने घर पर भी योग का पूरा अभ्यास किया। इसमें वे लोग भी थे जो दवा की बड़ी खुराक लेे रहे थे।

वहीं दूसरे समूह में दवा की छोटी खुराक लेने वाले लोग शामिल थे जिन्हें हर हफ्ते 90 मिनट की योग की दो कक्षाएं दी गयी और उन्होंने घर पर भी योग का खूब अभ्यास किया। बाद में दोनों समूहों में अवसाद के लक्षणों में बहुत महत्वपूर्ण कमी दर्ज की गयी।

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