आप जानते हैं, प्रोटीन की कमी से क्या-क्या हो सकता हैं?

प्रोटीन कम खाना या इसकी कमी आपको पता है कई बार आपको सामाजिक रूप से शर्मिंदा भी कर सकती है। जी हां, क्योंकि इसकी कमी से खुजली की बीमारी हो जाती है। यानी चकत्ते वाली खुजली जैसी बीमारी यानी एक्जिमा। ये भी हो सकता है कि आपके तमाम साफ-सुथरे होने के बाद भी लोग आपसे केवल आपकी खुजली के चलते घिन खाएं। खास बात यह है कि प्रोटिन की ये कमी आपके शरीर में मौजूद दूसरे प्रोटीनों की क्रियाशीलता को भी प्रभावित करती है। इसलिए याद रखिए प्रोटीन की कमी उम्र के किसी भी स्तर पर नहीं होनी चाहिए। बचपन से बुढ़ापे तक प्रोटिन की कमी नहीं होने दें। आपके पूरे खाने में कार्बोहाइड्रेट जहां 40 प्रतिशत होगा वहीं प्रोटीन भी 40 प्रतिशत होगा वहीं फैट 20 प्रतिशत रखना चाहिए।

बचपन में ही हो जाती है रोग की शुरुआत-

‘एलर्जी एंड क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी’ में छपे शोध में यह बात सामने आई है कि प्रोटिन की कमी से बचपन में ही रोग की शुरुआत हो जाती है। इसे मेडिकल साइंस में एटज्ञेपिक एक्जिमा कहते हैं। ये खाज बच्चों को शुरुआत में ही हो जाता है जो उनके बड़े होने के बाद भी नहीं ठीक होती। गंभीर बात तो ये है कि इसका असर केवल खुजली तक या दाद तक ही नहीं रहता बल्कि ये आपके रहन-सहन और नींद को भी प्रभावित करने लगता है। इससे स्वास्थ्य पर बहुत ही विपरीत प्रभाव पड़ता है।

पूरी कार्यप्रणाली ही हो जाती है गड़बड़-

शोधकर्ता इंग्लैंड के न्यूकैसल विश्वविद्यालय के चर्म रोग के प्रोफेसर निक रेनॉल्डस का कहना है कि प्रोटीन फिलाग्रीन की कमी से त्वचा के दूसरे प्रोटीन भी प्रभावित होने लगते हैं। उनकी कार्यप्रणाली काफी धीरी हो जाती है और वो बेहतर काम नहीं कर पाते और इसी कारण से खुजली यानी खाज हो जाता है। इसलिए प्रोटीन की कमी हल्के में न लें। प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में लें।खाज की शुरुआत होते ही सबसे पहले डॉक्टर से मिलें और अपने शरीर में प्रोटीन की जांच कराएं।