नहीं जानते होंगे आप,ताम्बे के बर्तन से पानी पिने के ये फायदे

अक्सर हम यह देखते हैं कि हमारे दादा-दादी पानी पिने के लिए तांबे के पात्र का उपयोग करते हैं। दादा-दादी सोते समय अपने बेड के पास तांबे के पात्र में पानी अवश्य रखते हैं और उस पानी को वो पीते है। आयुर्वेद में यह बताया गया है कि पीने के पानी को संग्रहित करने के लिए तांबा के उपयोग करते है। आपको बता दे की ताम्बा एक बहुत ही आवश्यक खनिज है और शरीर में उत्पादित नहीं होता है।

यह शरीर में कई सारे कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें एंजाइम सक्रिय ऊर्जा उत्पादन शामिल है जो कोलेजन, उपास्थित टेंडन, रक्त वाहिकाओं और फेफड़ों के ऊतकों को बनाने की शक्ति प्रदान करता है। यह तंत्रिका कोशिकाओं को संचालित करने के लिए भी अत्यधिक आवश्यक है और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में भी काम करता है।

आपको बता दे की शरीर मे कम तांबे की खपत से हृदय रोग, मोटापे, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, गठिया, एनीमिया, तंत्रिका विकार, पिग्मेंटेशन दोष, भंगुर हड्डियों और फेफड़ों की गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। तांबे के खाद्य स्रोतों में अंगो के मांस, खोल मछली, नट्स विशेष रूप से बादाम और मूंगफली के बीज, फलियां, चॉकलेट और सूखे फल आदि आते है।