दूध के इन फायदों से अबतक पूरी तरह अंजान होंगे आप

जैसा की आप सभी जानते है की गाय की रीढ़ की हड्डी में सूर्यकेतु नाड़ी होती है। सूर्य की करिणें जब गाय के शरीर को छूती हैं, तब सूर्यकेतु नाड़ी सूर्य की करणों से पूरी तरह सोना बनाती है। इसी कारण गाय के दूध और मक्खन में बहुत पीलापन होता है। इसमें विषनाशक तत्व भी होते हैं।

दूध पीने का समय- दूध सुबह में पीना बहुत अधिक लाभदायक होता है। दूध का पाचन सूर्य की गर्मी से होता है। रात में दूध कतई नहीं पीना चाहिए। साधारणतया दूध सोने से तीन घंटे पहले ही पीना चाहिए। दूध पीकर तुरंत कभी नहीं नहीं सोना चाहिए। रात्रि में गर्म दूध पीने से स्वप्नदोष होने की गंभीर संभावना रहती है।

मोटापा- एक गिलास दूध में लगभग 15 मुनक्का बीज निकालकर डाल दें। फिर उबालकर पीने जैसा ठंडा होने पर एक चम्मच देशी घी और तीन चम्मच शहद डालकर पिएं। इससे शरीर का वजन बहुत बढ़ेगा।

शिशु शक्तिवर्धक- बच्चे बड़े होने पर भी गर बहुत दुर्बल हों, सूखा रोग हो तो उन्हें दूध में बादाम मिलाकर अवश्य पिलाएं।

शक्किवर्धक- आधा किलो दूध में पाव भर गाजर कद्दूकस से छोटे-छोटे टुकड़े करके उबालकर सेवन करने से दूध बहुत ही जल्दी पचता है, दस्त साफ आता है और दूध में लोहा की मात्रा भी बहुत अधिक बढ़ जाती है।

उच्च रक्तचाप- इसको दूध बहुत कम करता है। दूध में विटामिन बी बहुत अधिक मात्रा में पाया जाता है जो शरीर को पूरी तरह स्वस्थ रखता है।

एक गिलास दूध में पांच बादाम बारीक़ से पीसकर मिलाएं। एक चम्मच देशी घी अवश्य डालें। इसे पीने से बहुत बल मिलता है। नामर्दी दूर करने के लिए सर्दी के दिनों में दो रत्ती केसर डालकर अवश्य पिएं।

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